russia-ukraine war latest news 2023 रूस यूक्रेन युद्ध

1991 में सोवियत संघ बिखर चुका था और वारसॉ पैक्ट से अलग हो गया था तो फिर नाटो (NATO) की जरूरत क्यों पड़ी इसलिए की 2002 में रूस के राष्ट्रपति पुतिन सत्ता में आए तब उन्होंने फिर से सोवियत संघ की कल्पना की तब यूरोप के देशों को लगा कि फिर से रूस आगे न बढ़ने लगे इसके प्रभाव से रोकने के लिए फिर से नाटो (NATO) का प्रसार होने लगा

2014 में यूक्रेन का कहना था कि हम रुस के प्रभाव से मुक्त होना चाहते हैं और यूरोप यूनियन ( European union) में जाना चाहते हैं ताकि हम यूरोप के देशों से व्यापार कर सकें और रूस कहना था कि तुम व्यापार के लिए यूरोपीय यूनियन में जा रहे हो और फिर तुम नाटो (NATO) में चले जाओगे

NATO सेना के संविधान के अनुच्छेद 5 के तहत कोई भी देश किसी देश के सैन्य संगठन का उपयोग कर सकता है जिससे अमेरिका की सेना यूक्रेन के सैन्य संगठन का उपयोग कर के रूस के सीमा के पास आ जाइए इसलिए रूस नहीं चाहता है कि यूक्रेन नाटो में जाए

रूस के समझाने के बाद भी यूक्रेन ने 2014 में यूरोपीय यूनियन में चला गया उसके बाद रूस ने यूक्रेन का निचला भाग क्रीमिया पर अधिकार कर लिया जब 2020 में यूक्रेन के सत्ता में वोलोडिमिर जेलेंस्की आऐ तो कहा कि हमको को नाटो का सदस्य बनाया जाए इसी बात पर रूस ने 24 फरवरी 2022 के दिन यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर हमला कर दिया इस युद्ध में लाखों की मौतें हो गई लगभग एक करोड़ यूक्रेनियन जुलाई 2023 तक अपने देश छोड़कर भाग गए

.NATO के स्थापना का मुख्य कारण ?

जब द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था ( world war II 1939 to 1945 ) तब यूरोप की पूरी अर्थव्यवस्था तबाह हो गई थी यूरोप भुखमरी के कगार पर आ गया | जर्मनी के हारने के बाद जर्मनी पर किसका अधिकार होगा इसकी बैठक यूक्रेन के शहर याल्टा (yalt) में हुई इस बैठक में विन्सटन चर्चिल इंग्लैंड के प्रधानमंत्री (Winston Churchill, 1940-1950 ), जोसेफ स्टालिन (Joseph Stalin ) सोवियत यूनियन के कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी , और अमेरीका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ( Franklin D Roosevelt )आए थे |इस याल्टा ( yalt ) सम्मेलन में जर्मनी के हारने के बाद जर्मनी को चार हिस्सों में बांट दिया गया सोवियत संघ , फ्रांस , अमेरिका , और ब्रिटेन में ले लिया इस समिति में सोवियत संघ (रूस )से कहा गया था कि आप यूरोप में साम्यवाद [(Communist) कम्युनिस्ट एक ऐसा शासन प्रणाली है जिसमें चुनाव नहीं होता है ] को बढ़ावा नहीं देंगे लेकिन सोवियत संघ ने यूरोप की ओर साम्यवाद को बढ़ावा देने लगा तब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रूमैन (Truman) सोवियत संघ के प्रभाव को रोकने के लिए अप्रैल 1948 को मार्शल प्लान (Marshall Plan) l लाया गया उसके बाद नाटो ( NATO) की स्थापना हुई |

.NATO की स्थापना

यूरोप की ओर सोवियत संघ के साम्यवाद (communist) के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन DC में 4अप्रैल 1949 ( 75वर्ष पूर्व ) को 12 देश [ब्रिटेन ‘अमेरिका ‘ बेल्जियम ‘ डेनमार्क ‘ फ्रांस ‘ पुर्तगाल ‘नीदरलैंड ‘ कनाडा ‘ इटली ‘ आइसलैंड ‘ नार्वे और लक्जमबर्ग ] ने मिलकर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (North Atlantic Treaty Organization/NATO)की स्थापना हुई यह एक सैन्य गठबंधन है इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स बेल्जियम में है फ्रेंच भाषा में NATO (नाटो) को OTAN (ओटान) भी कहते हैं इस संगठन में कुल 14 अनुच्छेद (Articles)है

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.नाटो (NATO) 31देशों का सदस्य हैं

क्रम देशराजधानीपरिग्रह
1.यूनाइटेड किंगडमलंदन🇬🇧24 अगस्त1949
2.संयुक्त राज्य अमेरिकावाशिंगटन डीसी 🇺🇸24 अगस्त1949
3.बेल्जियमब्रुसेल्स🇧🇪24 अगस्त1949
4.कनाडाओटावा🇨🇦24 अगस्त1949
5.डेनमार्ककोपेनहेगन🇩🇰24 अगस्त1949
6.इटलीरोम🇮🇪24 अगस्त1949
7.फ्रांसपेरिस 🇲🇫24 अगस्त1949
8.आइसलैंडरेक्जाविक🇦🇽24 अगस्त1949
9.लक्जमबर्गलक्जमबर्ग🇱🇺24 अगस्त1949
10.नार्वेओस्लो🇧🇻24 अगस्त1949
11.पुर्तगाललिस्बन🇵🇹24 अगस्त1949
12.नीदरलैंडएम्स्टर्डम 🇱🇺24 अगस्त1949
13.यूनान(ग्रीस)एथेंस 🇬🇷19 फरवरी 1952
14.तुर्कीअंकारा 🇹🇷19 फरवरी 1952
15.स्पेनमाद्रीद 🇪🇦30 मई1982
16.जर्मनीबर्लिन 🇩🇪 3 अक्टूबर 1990
17.चेक गणराज्यप्राहा 🇨🇿12 मार्च 1999
18. हंगरी बुडापेस्ट🇭🇺12 मार्च 1999
19.पोलैंडवारसा 🇵🇱12 मार्च 1999
20.बुल्गारियासोफिया 🇧🇬29 मार्च 2004
21.एस्तोनियाताल्लिन 🇪🇪29 मार्च 2004
22.लातवियारीगा 🇦🇹29 मार्च 2004
23.स्लोवाकियाब्रतिस्लावा 🇸🇰29 मार्च 2004
24.स्लोवेनिया जुब्लजाना 🇸🇮29 मार्च 2004
25.लिथुआनियाविनियस 🇱🇹29 मार्च 2004
26.रोमानियाबुखारेस्ट 🇷🇴29 मार्च 2004
27.अल्बानियातिरान 🇦🇱1 अप्रैल
2009
28.क्रोएशियाजाग्रेब 🇭🇷1 अप्रैल
2009
29.मोंटेनेग्रोपा‌‌डगोरीका 🇲🇪5जून
2017
30.उत्तर मेसेडोनियास्कोप्जे 🇲🇰27 मार्च 2020
31.फिनलैंडहेल्सिंकी 🇫🇮4 अप्रैल 2023

.CENTO की स्थापन

मध्य पूर्व एशिया देशों में रूस (USSR) साम्यवाद (communist) व्यवस्था को रोकने और मध्य पुर्व को शांत रखने के लिए 24 फरवरी 1955 को मध्य पूर्व संधि (Central Treaty Organization/CENTO) की स्थापना हुई इसका मुख्यालय अंकारा था और इसको उतरी टायर के नाम से भी जानते हैं CENTO में कुल4 देश शामिल थे

Flag (CENTO)

.CENTO सदस्य

क्रम संख्या देश
1.इराक 🇮🇶
2.ईरान 🇮🇷
3.यूनाइटेड किंगडम 🇬🇧
4.तुर्की 🇹🇷
5.पाकिस्तान 🇵🇰

कुछ देशों के मतभेद के कारण CENTO( सेंटो )को 1979 में भंग (खत्म) कर दिया गया

.SEATO की स्थापना

दक्षिण पूर्व एशिया की तरफ बढ़ रहे साम्यवाद (communist) व्यवस्था के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए 8 सितंबर 1954 को ऑस्ट्रेलिया की अध्यक्षता में दक्षिण पूर्व एशिया संधि संगठन (Central Treaty organisation) बना पूर्ण रूप से स्थापना 19 फरवरी 1955 बैंकॉक में हुआ इसका मुख्यालय बैंकॉक में बना इसमें 8 देश शामिल थे

.SEATO के मुख्य 8 सदस्य

क्रम संख्यादेश
1.थाईलैंड 🇹🇭
2.यूनाइटेड किंगडम 🇬🇧
3.संयुक्त राज्य अमेरिका 🇺🇸
4.पाकिस्तान 🇵🇰
5.न्यूजीलैंड 🇳🇿
6.ऑस्ट्रेलिया 🇭🇲
7.फ्रांस 🇲🇫
8.फिलीपींस🇵🇭

.SEATO के आपसी देशों के कुछ मतभेद के कारण 30 जून 1977 को सीटों को विघटन (खत्म) कर दिया गया

.सोवियत संघ (रूस) और वारसा संधि का विघटन

सोवियत संघ और वारसा संधि के विघटन होने का मुख्य करण NATO (नाटों ), SEATO (सेटो),CENTO ( सेंटो) आक्रमक प्रभाव के कारण सोवियत संघ धीरे-धीरे कमजोर होता गया और 1989 में वर्षा वारसा संधि {कुल देश- सोवियत संघ (अल्बानिया 1968 में अलग हो गया), बुलगारीया, चेकोस्लोवाकिया, पूर्व हंगरी, पोलैंड और रोमानिया} अलग हो गया उसके बाद बर्लिन की दीवार 1989 में तोड़ दिया गया उसके बाद वारसा संधि के सारे देश साम्यवाद (communist) व्यवस्था को छोड़कर उन देशों में धीरे-धीरे लोकतंत्र आ गया

.उसके बाद सोवियत संघ 26 दिसंबर 1991ंको विघटित घोषित हुआ और 15 देशों में बट गया कुल देश रसिया, लातविया, लिथुआनिया, , बेलारूस, यूक्रेन , अज़रबैजान, उज़्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, मोल्दोवा, आर्मेनिया, इस्टोनिया, जॉर्जिया, किर्गिस्तान ,ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान

.फिनलैंड को नाटो में शामिल होने से रूस को क्या दिक्कत है

फिनलैंड को नाटो में शामिल होने से रूस को सबसे बड़ा झटका यह लगा कि फिनलैंड के सीमा के पास रूस का सबसे बड़ा कोला प्रायद्वीप पर मुर्मू बंदरगाह एकमात्र ऐसा बंदरगाह है जो ठंड के दिनों में नहीं जामता है वहां सबसे बड़ी नेवी का संगठन है और पनडुब्बियों को रखने का गुप्त स्थान है फिनलैंड के बहाने नाटो की सेना कोला प्रायद्वीप के मुर्मू बंदरगाह पर नजर रखेगी

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