चंद्रयान-3 मिशन

चंद्रयान-3

चंद्रयान-3 मिशन को भारत की स्पेस एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) ISRO ने 14 जुलाई 2023 को दोपहर 2:35 पर श्रीहरिकोटा से चंद्रयान 3 को लांच किया गया 40 दिनों की यात्रा पूरी करके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त 2023 को शाम 6:00 बजे चंद्रयान 3 में चांद की सतह पर सफलतापूर्वक पहुंचकर पूरे विश्व में भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया

चंद्रयान-3 मिशन का मुख्य उद्देश्य

चंद्रयान-3 का मुख्य उद्देश्य लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के सतह पर पहुंच कर पानी और मिट्टी में रासायनिक तत्व खनिज और प्राकृतिक वातावरण का अध्ययन करना

चंद्रयान 3 मिशन में काम करने वाले कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक

इसरो के अध्यक्ष -एस सोमनाथ

चंद्रयान-3 के प्रयोजन निर्देश-वीरमुथवेल

उप प्रयोजन निर्देशक-बी सी. थॉमस

चंद्रयान -1 मिशन (Chandrayan -1 Mission)

भारत की स्पेस एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO ने 15 अगस्त 2003 को चंद्रयान मिशन की शुरुआत की थी इसकी घोषणा अटल बिहारी वाजपेई द्वारा की गई थी भारत सरकार ने चंद्रयान -1 (Chandrayan -1 Mission) मून मिशन की मंजूरी नवंबर 2003 में दी चंद्रयान- 1 भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद लगभग 5 साल बाद भारत का पहला चंद्रयान मिशन बनकर तैयार हुआ इसको 22 अक्टूबर 2008 को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण ( PSLV-C11 ) का उपयोग करके श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया अंतरिक्ष यान चंद्रयान -1 ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा करने लगा चंद्रमा के चारों ओर 3400 से अधिक परिक्रमा करने के बाद 29 अगस्त 2009 को चंद्रयान-1 मिशन समाप्त हुआ

चंद्रयान -1 मिशन (जानकारी)

निर्माताइसरो
मिशन जीवन2 वर्ष
चंद्रयान -1 का वजन1380 किग्रा
प्रक्षेपण यानध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण
( PSLV-C11 )
चंद्रयान -1 लॉन्च22 अक्टूबर 2008
चंद्रयान-1 समाप्त29 अगस्त 2009
चंद्रयान की शुरुआत15 अगस्त 2003

चंद्रयान-2

इसरो ISRO चंद्रयान -1 की सफलता के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर खोजबीन करने के लिए चंद्रयान-2 विकसित किया जिसमें एक आर्बिटर लैंडर और रोवर शामिल किया गया है और 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से समय दोपहर 2:43 बजे (GSLV MK 3) प्रक्षेपण यान द्वारा लांच कर दिया गया और इसकी लैंडिंग डेट 7 दिसंबर 2019 को प्लेन की गई थी लेकिन चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर लैंड होने से पहले ही विक्रम लैंडर से सभी संपर्क टूट गया इसलिए यह मिशन विफल रहा

निर्माताइसरो
मिशन अवधि14 दिन
चंद्रयान- 2 लॉन्च डेट22 जुलाई 2019
कुल खर्चलगभग 978 करोड़
( US141 मिलियन)
चंद्रमा पर लैंड
होने का प्लान
7 सितंबर 2019
लॉन्च की जगहसतीश धवन (श्रीहरिकोटा)
चंद्रयान-2 में शामिल आर्बिटर, लैंडर और रोवर
प्रक्षेपण यानGSLV MK 3

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